तो दोस्तों, आज हम बात करने वाले है केसर से बनने वाली एक बहुत ही खास रेसिपी के बारे में। केसर, न केवल खाने को स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि उसकी रंगत और खुशबू भी दिलों-दिमाग को छू जाती है। आज मै आप लोगो के साथ एक बहुत ही सरल और स्वादिष्ट रवा केसरी रेसिपी को साझा कर रहा हूँ, जो खासतौर पर दक्षिण भारत में विशेष अवसरों पर पसंद की जाती है। दक्षिण भारत में बनने वाली यह रेसिपी उत्तर भारत में बनने वाले सूजी के हलवे से बिलकुल भिन्न है। है ये भी एक तरह का हलवा ही, लेकिन इसे बनाने की प्रक्रिया जरा थोड़ी भिन्न है।
रवा केसरी रेसिपी के बारे में कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी
चलिए, मै आपको इस रवा केसरी रेसिपी से जुड़ी कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियों एवं रोचक तथ्यों से परिचित कराता हूँ। रवा केसरी को रवा बाथ के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा यह कई अन्य नामों से भी जानी जाती है, जैसे केसरी हलवा, शक्करपारा, सोया, मधुर-भोग आदि। इसकी खास बात ये है कि यह मुँह में डालते ही घुल जाती है और इसका रंग भूरा न होकर नारंगी होता है।
रवा केसरी का परिचय
रवा केसरी का इतिहास विशाल है और इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत माना जाता है। इसे विभिन्न अवसरों पर तैयार किया जाता है, जैसे कि पूजा, समारोह या खाने के साथ मिठाई के रूप में। आप चाहे तो किसी मेहमान के घर आने पर भी उन्हें यह डिश बनाकर के खिला सकते है। यह माना जाता है कि यह व्यंजन पहले राजाओं और रानियों के लिए बनाया जाता था। धीरे-धीरे, यह आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय हो गया और आजकल यह पूरे भारत में बनाया और खाया जाता है।
रवा केसरी रेसिपी की विधि
इधर-उधर की बातें तो बहुत हो गई। चलिए अब रवा केसरी की रेसिपी बनाना सीखते है। क्योंकि मैं आपको अब और बोर नहीं करना चाहता। चलिए फिर, शुरू करते है:-
सामग्री
रवा केसरी रेसिपी बनाने के लिए आपको चाहिए:-
| सामग्री | |
|---|---|
| दूध | 2 कप |
| चीनी | ½ कप |
| सूजी (रवा) | 1 कप |
| केसर के धागे | 10-12 |
| घी | 2 बड़े चम्मच |
| इलायची पाउडर | ¼ छोटा चम्मच |
| कटे हुए मेवे/ड्राई फ्रूट्स | ¼ कप |
1). रवा को भूनें
रवा केसरी बनाने की शुरुवात रवा/सूजी को भूनने से करें। सबसे पहले, एक पैन या कढ़ाई में घी को गरम कर लें और उसमें रवा को हल्का-सा भून लें।
2). शुगर सिरप बनाएं
रवा के भूनने वाले काम के पूरा हो जाने के बाद उसे कढ़ाई में से निकाल कर अलग रख दें और उसमें चीनी डालकर और उसे पानी के साथ मिलाकर शुगर सिरप बना लें।
3). घी में केसर तैयार करें
एक बार जब आपका शुगर सिरप बनकर तैयार हो जाय तो उसे एक अलग पैन या अन्य बर्तन में निकल लें और उसी कढ़ाई में घी और केसर डालकर एक साथ मिलाएं जिसमें अभी थोड़ी देर पहले आपने रवा सुर शुगर सिरप तैयार किया था। जल्दबाजी मत कीजिएगा वरना उसका टेक्सचर बिगड़ भी सकता है या फिर वो जल भी सकता है। उसे धीरे से पकाएं। वो कहते है न, "जल्दी का काम सैतान का"। बड़े बुजुर्गों की एक बहुत ही पुरानी कहावत है। मुझे आज भी याद है कि बचपन में हम जब कोई काम जल्दी-जल्दी करते थे तो घर में सब बड़े टोकते थे और कहते थे कीं "जल्दी का काम सैतान का"।
खैर, टॉपिक पर वापस आते है।
4). मिश्रण तैयार करें
अब, भुने हुए रवा, शुगर सिरप और केसर के मिश्रण को एक साथ डाले और उसे अच्छे...से मिला लें।
5). पकाना शुरू करें
एक बार जब आप सारे चरण पूरा कर लें, उसके बाद, उसे धीरे से पकाएं।
6). अंतिम स्पर्श
अंतिम स्पर्श के लिए, अपनी तैयार रवा केसरी को बादाम, पिस्ता और अपनी पसंद के अन्य ड्राई फ्रूट्स से सजाकर उसे गरमा-गर्म परोसें।
यह खास केसरी रेसिपी आपके और आपके परिवार के लिए एक स्वादिष्ट और स्वस्थ विकल्प हो सकती है। इसे विशेष अवसरों पर बनाकर और अपने प्रियजनों के साथ शेयर करें या सामान्य तौर पर परिवार या मेहमानों के साथ!